सुरेश वाडकर

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Thursday, November 24, 2016

वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2015

वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2015

Global Hunger Index
वैश्विक भुखमरी सूचकांक विश्व के विकासशील देशों में भुखमरी तथा कुपोषण की गणना एवं इसके तुलनात्मक अध्ययन हेतु एक बहुआयामी सूचकांक है। इस सूचकांक को ‘अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान’ (International Food Policy Research Institute-IFPRI) द्वारा दो गैर-सरकारी संगठनों ‘वेल्ट हंगर हिल्फ’ (Welt Hunger Hilfe) और ‘कंसर्न वर्ल्ड वाइड’ (Concern World Wide) की सहायता से प्रति वर्ष प्रकाशित किया जाता है। इस सूचकांक को गत वर्ष तक तीन संकेतकों ‘अल्पपोषण’ (Under nourishment), ‘बाल अल्पवजन’ (Child underweight) एवं ‘बाल मृत्यु दर’ (Child Mortality Rate) के आधार पर तैयार किया गया था किंतु वर्ष 2015 के वैश्विक भुखमरी सूचकांक को चार संकेतकों ‘अल्पपोषण’, ‘लंबाई के अनुपात में कम वजन अर्थात बाल दुबलापन’ (Child Wasting), आयु के ‘अनुपात में कम लंबाई अर्थात बाल ठिगनापन’ (Child Stunting) तथा ‘बाल मृत्यु दर’ (Child Mortality Rate) के आधार पर तैयार किया गया है।
वैश्विक भुखमरी सूचकांक 100 आधार बिंदुओं के पैमाने पर तैयार किया जाता है जिसमें शून्य सबसे अच्छा स्कोर माना जाता है अर्थात कोई भूखा नहीं जबकि 100 सबसे खराब स्कोर होता है जिसमें सभी भुखमरी की स्थिति में हैं। यह दोनों ही स्थितियां व्यवहार में नहीं पाई जाती हैं। व्यवहार में ‘शून्य से सौ’ (0-100) के बीच की स्थिति पाई जाती है। इस सूचकांक में ‘कम मान’ (Low Score) देश की अच्छी स्थिति को दिखाता है, वहीं ‘अधिक मान’ (High Score) देश में भुखमरी की भयावहता को प्रदर्शित करता है। इस सूचकांक में पांच वर्ग बनाए गए हैं-9.9 या उससे कम ‘अल्प’ (Lower),10-19.9, ‘मध्यम’ (Moderate), 20-34.9 ‘गंभीर’ (Serious), 35-49.9, ‘भयावह’ (Alarming) तथा 50-100 ‘चरम भयावह’ (Exteremely Alarming) वर्ष 2015 के लिए यह रिपोर्ट 12 अक्टूबर, 2015 को जारी की गई। इस सूचकांक के महत्त्वपूर्ण बिंदु निम्न हैं-
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2015 (GHI-2015) रिपोर्ट की मुख्य विषय वस्तु है-‘Armed Conflict and the challenge of Hunger. Is an End in Sight?’
  • GHI-2015 में कुल 117 देशो को शामिल किया गया है।
  • अफगानिस्तान को पहली बार वैश्विक भूख सूचकांक में शामिल किया गया है ।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2000 से 2015 तक वैश्विक भुखमरी की स्थिति में 27 प्रतिशत का सुधार हुआ है फिर भी वैश्विक भुखमरी की स्थिति भयावह बनी हुई है।
  • वर्ष 2000 में GHI स्कोर 29.9 था जो 27 प्रतिशत कम होकर वर्ष 2015 में 21.7 प्रतिशत हो गया।
  • भुखमरी की स्थिति में सुधार होने के बावजूद भी गंभीर स्थिति बनी हुई है क्योंकि विश्व की 795 मिलियन (79.5 करोड़) आबादी अभी भी भुखमरी की चपेट में है।
  • इस वर्ष की रिपोर्ट में ‘चरम भयावह’ स्थिति वाला कोई देश नहीं है जबकि गत वर्ष दो देश बुरुंडी तथा इरीट्रिया थे।
  • वर्ष 2015 की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे खतरनाक भुखमरी (भयावह) वाले 8 देश अफ्रीका के दक्षिणी सहारा में स्थित हैं। गत वर्ष इनकी संख्या 14 थी।
  • 117 देशों में से 52 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक स्कोर गंभीर या भयावह स्थिति में हैं।
  • इस वर्ष की रिपोर्ट में सबसे कम GHI स्कोर कुवैत (स्कोर-5, प्रथम स्थान) का है। सऊदी अरब तथा तुर्की दोनों देश 5.1 GHI स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। गत वर्ष मॉरीशस और थाईलैंड संयुक्त रूप से 5 स्कोर के साथ प्रथम स्थान पर थे।
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI) 2015 में भारत का स्थान 80वां (104 देशों में) है जबकि गत वर्ष 55वां स्थान (76 देशों में) था। GHI-2015 में भारत का स्कोर 29 है जबकि गत वर्ष यह स्कोर 17.8 था। अतः गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी भारत ‘भयावह’ (Alarming) वर्ग में न होकर ‘गंभीर’ (Serious) वर्ग में ही बना हुआ है।
  • GHI-2015 में शामिल चारों संकेतकों में भारत का स्कोर ‘अल्पपोषण में-15.2 अर्थात 15.2 प्रतिशत जनसंख्या अल्पपोषित है।
  • आयु के अनुपात में कम लंबाई अर्थात बाल ठिगनापन (Child Stunting) में 38.8 अर्थात 5 वर्ष से कम आयु के 38.8 प्रतिशत बच्चे उम्र के हिसाब से कद में छोटे हैं।
  • लंबाई के अनुपात में कम वजन वाले बच्चे अर्थात ‘बाल दुबलापन’ (Child Wasting) में 15.0 अर्थात् 5 वर्ष से कम आयु के 15 प्रतिशत बच्चे लंबाई या कद के हिसाब से कम वजन के है)।
  • बाल मृत्यु दर में 5.3 अर्थात 5 वर्ष से कम आयु के 5.3 प्रतिशत बच्चे बाल मृत्यु के शिकार हैं।
  • इस वर्ष भी भारत की स्थिति पाकिस्तान (93वां) से बेहतर है जबकि वर्ष 2014 में भारत (55वां स्थान), पाकिस्तान एवं बांग्लादेश (दोनों 57वें स्थान पर) दोनों से बेहतर था।
  • GHI-2015 में नेपाल (58वां), श्रीलंका (69वां) तथा बांग्लादेश (73वां) भारत से बेहतर स्थिति में हैं।
  • GHI रिपोर्ट-2015 के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 4 बच्चों में से एक से अधिक बच्चा अपनी आयु के अनुपात में, कुपोषण की वजह से कम लंबाई (Child Stunting) वाला है और 9 प्रतिशत बच्चे अपनी लंबाई के अनुपात में कम वजन (Child Wasting) वाले हैं।
  • क्षेत्रीय स्तर पर GHI स्कोर क्रमशः इस प्रकार हैं-अफ्रीका के दक्षिणी सहारा क्षेत्र का स्कोर-32.2, दक्षिणी एशिया का स्कोर-29.4, पूर्व और दक्षिणी-पूर्व एशिया-13.2 उत्तरी अफ्रीका तथा कुछ पूर्वी हिस्सा-11.5, पूर्वी यूरोप और कॉमनवेल्थ के स्वतंत्र राज्य-8.3, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र-8.0 ।
  • भारत में अभी भी 1.2 अरब लोगों में से 15 प्रतिशत (180 मिलियन लोग) लोगों को प्रति दिन कैलोरी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध नहीं हो पाती।
  • भारत में वर्ष 2005 के 20 प्रतिशत के मुकाबले वर्ष 2014 में Child Wasting घट कर 15 प्रतिशत तथा Child Stunting 48 प्रतिशत से घट कर 39 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है।
  • GHI-2015 की रिपोर्ट में सशस्त्र संघर्ष और भुखमरी के बीच संबंधों की पड़ताल की गई है। वर्ष 2014 में हिंसा के चलते 13 मिलियन से अधिक लोग अन्य देशों में प्रवास के लिए मजबूर हुए हैं। हिंसा की वजह से सीरिया, अफगानिस्तान तथा सोमालिया सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।
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